बुलंदशहर: जिले में हेपेटाइटिस बी और सी के 365 मरीजों का स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही की वजह से शुरू नहीं हो सका है। हेपेटाइटिस सी और बी दोनों ही गंभीर रोग है। ऐसे में मरीजों के जीवन को भी खतरा बना है। आलम यह है कि पिछले दो महीनों से वायरल लोड जांच के लिए किट न होने के कारण मरीजों की जांच रुकी हुई है। मरीज बार-बार अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन इलाज शुरू नहीं हो पा रहा। पहले यह सुविधा मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के जरिए उपलब्ध थी, लेकिन कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज के संचालन शुरू होने के बाद बजट और जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज को हस्तांतरित कर दी गई। बजट मिलने के बावजूद जांच किट की कमी बनी हुई है।
ये खबर भी पढ़कर देखें: बुलंदशहर में कांवड़ यात्रा-2025 के शांतिपूर्ण समापन पर पुलिस परिवार ने मनाया भव्य भोज, एसएसपी ने खुद परोसा भोजन
एक महीना से अधिक गुजरा, नहीं आई रिपोर्ट
मरीजों के खून के नमूने जांच के लिए मेरठ भेजे गए, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी रिपोर्ट नहीं आई। इससे मरीज परेशान भटक रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, हेपेटाइटिस बी और सी जैसे वायरल रोगों में वायरल लोड की जांच बेहद जरूरी है। यह जांच ब्लड में वायरस की मात्रा को मापती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि संक्रमण कितना गंभीर है और इलाज कितना प्रभावी हो रहा है। सीएमओ डॉ. सुनील कुमार दोहरे ने बताया कि वायरल लोड जांच से डॉक्टरों को मरीज की स्थिति का सटीक आकलन करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि अब यह जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज की है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि जांच किट के लिए जैम पोर्टल पर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। किट मिलते ही जांच शुरू कर दी जाएगी।
ये खबर भी पढ़े: औरंगाबाद के पाली बेगपुर में देवी मंदिर से लौट रहे युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग, गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती, हमलावर फरार