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कनौना इंटर कॉलेज में फागिंग से करीब 80 छात्र हुए थे बीमार, 35 से अधिक मेरठ रेफर, कीटनाशक दुकान का लाइसेंस निलंबित, स्कूल में नहीं पढ़ने पहुंचा कोई छात्र, हाथ पर हाथ रखे बैठे रहे शिक्षक

स्याना: गांव कनौना स्थित इंटर कॉलेज में मच्छरों को मारने के लिए की गई फागिंग ने प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को परेशान कर दिया है। हादसे में करीब 80 छात्रों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई थी। सभी का उपचार कराया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 45 को तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। देर रात तक तीन छात्रों की हालत में सुधार होने पर उन्हें घर भेज दिया गया, लेकिन 35 से अधिक छात्रों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वर्तमान में स्याना सीएचसी में कोई भी छात्र भर्ती नहीं है।

इस घटना की मूल खबर यहां पढ़े; खानपुर के कनौना इंटर कॉलेज में मच्छर मारने की दवा छिड़काव करने से 30 से अधिक छात्र- छात्राओं की तबियत बिगड़ी, कई बेहोश होकर जमीन पर गिरे, एम्बुलेंस नहीं पहुंची तो खुद के वाहनों में अस्पताल लेकर पहुंचे परिजन.. जांच के लिए एसडीएम मौके पर

कीटनाशक दुकान का लाइसेंस निलंबित
जिला कृषि रक्षा अधिकारी अर्चना वर्मा ने मीडिया को बताया कि फागिंग के लिए इस्तेमाल किया गया कीटनाशक अल्फा साइपर मेथ्रिन खानपुर की एक दुकान से खरीदा गया था। इस दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है और वहां बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा दुकान से कीटनाशक के दो नमूने जांच के लिए लिए गए हैं, और अल्फा साइपर मेथ्रिन के स्टॉक को सीज कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि कॉलेज में इस कीटनाशक का अत्यधिक मात्रा में छिड़काव किया गया। इसी से छात्र- छात्राओं की तबियत बिगड़ी।

कॉलेज में सन्नाटा, अभिभावकों में डर

घटना के बाद मंगलवार को कनौना इंटर कॉलेज खुला, लेकिन डर की वजह से एक भी छात्र स्कूल नहीं पहुंचा। शिक्षक दिनभर छात्रों का इंतजार करते रहे। प्रधानाचार्य अरविंद सिंह ने मीडिया को बताया कि अभिभावकों से संपर्क कर छात्रों को स्कूल आने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभिभावकों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और चिंता है।

क्या है अल्फा साइपर मेथ्रिन?
अल्फा साइपर मेथ्रिन एक शक्तिशाली कीटनाशक है, जिसका उपयोग मच्छरों और अन्य कीटों को मारने के लिए किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका अत्यधिक या अनुचित उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, खासकर बच्चों के लिए। इस मामले में कीटनाशक के गलत इस्तेमाल को प्राथमिक रूप से जिम्मेदार माना जा रहा है।

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