भारत गोयल
जहांगीराबाद: पिपैरा में गड्ढे में दबे मिले संजय उर्फ बिल्लू के शव के मामले में पुलिस ने तफ्तीश तेज कर दी है। पुलिस की खोजबीन में जो सामने आ रहा है। पुलिस उस हर बिंदू की जांच बेहद गंभीरता से कर रही है। तफ्तीश में सामने आया है कि मृतक की छाती में एक छेद मिला है। इसके अलावा मृतक की जीभ और आंख भी अधिक बाहर निकलने की बात सामने आई है।
पिपैरा हत्याकांड की मूलखबर यहां पढ़े: जहांगीराबाद के पिपैरा में जमीन में गढ़ा मिला युवक का शव, जुआ खेलने का था आदी.. गांववासियों का कहना- जुआ खेलने के दौरान हुई वारदात, एसपी देहात जांच के लिए मौके पर पहुंचे
ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि युवक की या तो छाती पर किसी धारदार हथियार से वार कर हत्या की गई है या फिर गला दबाकर मारना भी एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये सब एक प्रारंभिक कयास भर है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के स्पष्ठ कारणों का पता चलेगा। उसी के बाद ही जांच आगे बढ़ेगी। छाती में छेद किसी कीड़े या अन्य वजह से भी हो सकता है।
बॉडी गलाने के लिए डाला नमक
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब बॉडी निकाली गई तो वो लगभग डिजाल्व हो गई थी। बॉडी को डिजाल्व करने के लिए भारी मात्रा में नमक डाला गया।
कहां से खरीदा इतना नमक?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोई भी व्यक्ति घरेलू उपयोग के लिए एक या दो किलो नमक हो खरीदता है। लेकिन बॉडी को जमीन में डिजाल्व करने के लिए अधिक मात्रा में नमक खरीदा गया है। जांच की जा रही है कि आरोपितों ने इतनी भारी मात्रा में नमक किस दुकान से खरीदा। उससे भी पूछताछ की जाएगी।
आरोपितों के खिलाफ जहांगीराबाद कोतवाली में तहरीर
हत्याकांड के सम्बंध में मृतक संजय के पिता वासुदेव ने चार लोगों पर उसके पुत्र को घर से बहला फुसलाकर ले जाने और हत्या करने का आरोप लगाते हुए नामजद तहरीर पुलिस को दे दी है। पुलिस तहरीर मिलने के बाद घटना से जुड़े हर पहलू पर बारीकी से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर नहीं हैं। जल्द ही घटना का खुलासा होगा।
जहांगीराबाद के पिपैरा हत्याकांड की दूसरी खबर यहां पढ़ें: जहांगीराबाद पिपैरा हत्याकांड: गांव वासियों का कहना- जिस मकान में शव मिला.. उसका मकान मालिक दो दिन तक गांव में घूमता रहा.. पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए टीम की गठित, फावड़े बरामद होने की भी चर्चा
ये खबर भी पढ़े: प्रशासन ने शिकारपुर में श्मशान घाट के बाद चारागाह भूमि को भी कराया कब्जा मुक्त