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प्रशासन ने शिकारपुर में श्मशान घाट के बाद चारागाह भूमि को भी कराया कब्जा मुक्त

शिकारपुर। तहसील क्षेत्र के समसपुर गांव में प्रशासन ने श्मशान घाट की भूमि के बाद चारागाह भूमि को भी अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया है। कुछ राजनीतिज्ञ लोगों पर अवैध तरीके से जमीन कब्जाने के आरोप लगे हैं। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जमीन कब्जा मुक्त करा ली है। बताया गया है कि चारागाह की कुल 18 बीघा भूमि में से करीब 8 बीघा भूमि पर अवैध रूप से धान और ईख की फसल बोई थी। प्रशासन ने ट्रैक्टर से फसल को नष्ट कर दिया।

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समसपुर गांव के ग्रामीणों ने शिकारपुर एसडीएम अरुण कुमार वर्मा और तहसीलदार गौरव बिश्नोई को शिकायत की थी। तहसीलदार ने हल्का लेखपाल दयाशंकर से रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट में सामने आया कि श्मशान घाट और चारागाह की जमीन पर अवैध कब्जा कर धान और ईख की फसल बो रखी थी। इसमें जमीन कब्जाने के आरोप गांव के कुछ प्रभावशाली और राजनीतिज्ञ लोगों पर लगे।
तहसीलदार ने नायब तहसीलदार अक्षय दहिया के नेतृत्व में राजस्व टीम गठित की। टीम में कानूनगो विक्रम सिंह, लेखपाल अनिल कुमार, दयाशंकर, खगेश कुमार और छतारी थाना पुलिस शामिल थे। राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर नाप-जोख की। चारागाह की जमीन की पहचान कर अवैध कब्जे में बोई गई धान और ईख की फसल को नष्ट किया।

नायब तहसीलदार अक्षय दहिया ने बताया कि श्मशान घाट की 2 बीघा और चारागाह की 8 बीघा अलग-अलग जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर ग्रामीणों की देखरेख में सौंप दिया गया है।

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