भारत गोयल
जहांगीराबाद: कोतवाली क्षेत्र के गांव पिपैरा में एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। गांव की सीमा पर स्थित एक खंडहरनुमा घर में 32 वर्षीय दलित युवक संजय पुत्र वासुदेव सिंह का शव जमीन में गड्ढे में दबा हुआ मिला। शव मिलने की सूचना पर जिला मुख्यालय से लेकर पुलिस महकमे तक में अफसर अलर्ट हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी देहात डॉ. तेजवीर सिंह, सीओ अनूपशहर रामकरन सिंह और थाना प्रभारी रामफल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। खबर लिखे जाने तक शव नहीं निकाला जा सका है। पुलिस अधिकारी फोरेंसिक विभाग की टीम की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उसके बाद ही शव निकाला जा सकेगा।

मौके पर मौजूद पुलिस बल
शव निकलने के बाद ही होगी जांच
प्रारंभिक जांच में शव की शिनाख्त गांव के ही संजय के रूप में हुई, जो 17 जुलाई की शाम 4 बजे से लापता था।

इसी मकान में मिला मृतक का जमीन में गढ़ा शव
परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी थी, जिसके बाद पुलिस और परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे थे।

मौके पर जमा लोगों की भीड़
20 जुलाई को तलाशी अभियान के दौरान पुलिस जब गांव के बाहरी इलाके में एक खंडहरनुमा घर के पास पहुंची, तो वहां से तेज दुर्गंध आने लगी। इस घर का मालिक एक वाल्मीकि है, जो अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहता है। सूत्रों के अनुसार, संजय को आखिरी बार इसी खंडहर की ओर जाते देखा गया था। गांववासियों का कहना है कि संजय को जुए की लत थी और वह अक्सर गांव के कुछ लोगों के साथ जुआ खेलता था। ग्रामीणों में चर्चा है कि जुए के दौरान किसी विवाद या झगड़े के चलते यह वारदात हुई होगी। हालांकि, घटना का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
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