बुलंदशहर जिला उपभोक्ता आयोग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के आदेशों की अवहेलना करने के मामले में बुलंदशहर विकास प्राधिकरण (बीकेडीए) के सचिव के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी ने बीकेडीए सचिव या संपत्ति प्रभारी अधिकारी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को निर्देश दिए हैं कि संबंधित अधिकारी को 30 जुलाई 2025 को आयोग के समक्ष पेश किया जाए।
32 साल पुराना मामला, अनिल कुमार की शिकायत
जिला उपभोक्ता आयोग के जनसंपर्क अधिकारी शेखर वर्मा ने बताया कि यह मामला सिविल लाइन निवासी अनिल कुमार से जुड़ा है। अनिल ने 1993 में आयोग में शिकायत दर्ज की थी कि उन्होंने दुर्बल आय वर्ग के तहत मकान संख्या सी-182 के लिए धनराशि जमा की थी, लेकिन बीकेडीए ने उन्हें मकान आवंटित नहीं किया। उन्होंने मकान के साथ-साथ क्षतिपूर्ति की मांग की थी।
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6 मई 2002 को जिला उपभोक्ता आयोग ने अनिल के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसमें बीकेडीए को 60 दिनों के भीतर मकान देने और 500 रुपये वाद व्यय के रूप में भुगतान करने का आदेश दिया गया। बीकेडीए ने इस फैसले के खिलाफ पहले राज्य उपभोक्ता आयोग और फिर राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में अपील की। राष्ट्रीय आयोग ने भी अनिल के पक्ष में फैसला देते हुए बीकेडीए को जमा धनराशि पर 12% वार्षिक ब्याज के साथ वापसी और 10,000 रुपये वाद व्यय के रूप में भुगतान करने का निर्देश दिया।
आंशिक भुगतान, आदेशों की अनदेखी
राष्ट्रीय आयोग के आदेशों के बावजूद, बीकेडीए ने अनिल कुमार को केवल 15,100 रुपये का भुगतान किया, जो तय राशि से काफी कम था। शेष धनराशि और ब्याज की मांग को लेकर अनिल ने दोबारा जिला उपभोक्ता आयोग का रुख किया।
आयोग का सख्त रुख
लंबे समय तक आदेशों का पालन न होने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने अब सख्ती दिखाई है। अध्यक्ष हसनैन कुरैशी ने बीकेडीए सचिव या संपत्ति प्रभारी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया और एसएसपी को निर्देश दिए कि वे 30 जुलाई को संबंधित अधिकारी को आयोग के समक्ष पेश करें
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