चिराग त्यागी
स्याना तहसील के ग्राम रुखी भगवानपुर के साधारण बागवान केदारनाथ त्यागी ने मेहनत और जुनून से न केवल अपने गांव, बल्कि पूरे जिले को वैश्विक पहचान दिलाई है। तीन बीघा के छोटे से बाग में 50 से अधिक किस्मों के अनूठे आम उगाकर ‘मैंगो मैन’ की उपाधि पाने वाले केदारनाथ के बाग में लाल, नीले और पीले जैसे दुर्लभ रंगों वाले आम देखने को मिलते हैं। उनके आमों की खुशबू और स्वाद सिंगापुर, श्रीलंका, जापान और बांग्लादेश तक पहुंच चुका है।

मुख्यमंत्री ने की सराहना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केदारनाथ की मेहनत को देखते हुए उन्हें लखनऊ बुलाकर ‘मैंगो मैन’ की उपाधि से सम्मानित किया। यह सम्मान उनके लिए गर्व का पल था।
मेहनत और नवाचार की कहानी
केदारनाथ की सफलता की यात्रा वर्षों की मेहनत और नवाचार का परिणाम है। उन्होंने अपने बाग में उत्तर भारत की पारंपरिक किस्मों के साथ-साथ दक्षिण भारत की दुर्लभ प्रजातियों को भी उगाया। जैविक खेती को अपनाकर, बिना रसायनों के 12 इंच लंबे और एक किलोग्राम तक वजनी आम उगाने वाले केदारनाथ ने अन्य किसानों के लिए मिसाल कायम की है। उनके नवाचार ने स्याना की फल पट्टी को विश्व के नक्शे पर ला खड़ा किया।

विदेशों तक आमों का सफर
केदारनाथ के आम अब देश की सीमाओं को पार कर चुके हैं। उनके बाग से निकले रसीले आम सिंगापुर, श्रीलंका, जापान और बांग्लादेश जैसे देशों में निर्यात हो रहे हैं। इस उपलब्धि ने स्थानीय किसानों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ बुलंदशहर की वैश्विक पहचान को और मजबूत किया है।
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