शिकारपुर: तहसील के समसपुर गांव में श्मशान भूमि पर अवैध कब्जे का मामला गरमाया हुआ है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर श्मशान की जमीन पर कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान के लिए आवंटित लगभग तीन बीघा जमीन में से अब केवल कुछ हिस्सा ही बचा है, जिसके चलते अंतिम संस्कार के लिए न तो पर्याप्त जगह है और न ही श्मशान तक जाने का उचित रास्ता।
रास्ता दिखाते ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि श्मशान तक अर्थी ले जाते समय रास्ते की कमी के कारण लोग गिर जाते हैं, जिससे अंतिम संस्कार में बाधा उत्पन्न होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने ही श्मशान की जमीन पर कब्जा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और श्मशान की जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराया गया।
ग्रामीणों का आरोप सुनिए
ग्राम प्रधान का ये है कहना
ग्राम प्रधान पहलाद सिंह ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताया और कहा, “मुझ पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। तहसील प्रशासन इसकी जांच करे। अगर जांच में मैं दोषी पाया गया, तो मुझे जो भी सजा दी जाएगी, वह मुझे मंजूर होगी।”
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