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बुलंदशहर का ‘नन्हा योद्धा’ डुग्गु: पिता ऑटोचालक, ईलाज के लिए चाहिए 17 करोड़ का इंजेक्शन, सिर उठा नहीं पाता, सीएम, पीएम, अमेरिका के राष्ट्रपति का नाम बताता, बाबा साहेब की कुंडली जानता है ये बच्चा

बुलंदशहर: स्याना कस्बे में रहने वाला 3 साल 10 महीने का मासूम डुग्गु गौतम एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी का नायक है, जो हर किसी के दिल को छू लेगी। डुग्गु एक दुर्लभ बीमारी, ऑस्टेओजेनेसिस इम्परफेक्टा टाइप-बी (Osteogenesis Imperfecta Type B) से जूझ रहा है, जिसमें हड्डियां इतनी कमजोर होती हैं कि वह न तो बैठ सकता है और न ही खड़ा हो सकता है। लेकिन इस नन्हे योद्धा का हौसला और सपने किसी भी चुनौती से कम नहीं।

अमेरिका के राष्ट्रपति और बाबा साहेब के बारे में बताते हुए डुग्गु का वीडियो

पिता ऑटोचालक, इलाज के लिए चाहिए 17 करोड़ का इंजेक्शन

डुग्गु के पिता ऑटोचालक है। रोजमर्रा में उतना ही कमा पाते हैं, जितना खाने और घर की जरूरत पूरी करने में खर्च हो जाता है। पिता आकाश गौतम ने बताया कि जन्म से ही डुग्गु बीमार था। अस्पतालों में लेकर भटके। सभी ने हड्डियों की गंभीर बीमारी बताई। बाद में चिकित्सकों ने बताया कि डुग्गु का इलाज हो सकता है, लेकिन उसके लिए 17 करोड़ रुपये का इंजेक्शन चाहिए। मैं एक रिक्शा चालक हूँ, घर और चीज भी बेच दूंगा तब भी 17 करोड़ नहीं जुटा पाऊंगा। सरकार से राहत की उम्मीद है।

पिता आकाश गौतम को सुनिए(वीडियो)

बुद्धिमान है डुग्गु
डुग्गु की बुद्धिमत्ता और जागरूकता हैरान करने वाली है। वह न केवल सवालों का जवाब देता है, बल्कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के बारे में अधिक जानकारी और महिलाओं की शिक्षा की प्रेरणा सावित्री बाई फुले के नाम भी बखूबी जानता है। इतना ही नहीं, डुग्गु का सपना है कि वह ठीक होकर अपने पैरों पर खड़ा हो और समाज की सेवा करे। उसके परिजनों ने प्रधानमंत्री मोदी से गुहार लगाई है कि वह उसके इलाज में मदद करें, ताकि वह अपने सपनों को सच कर सके।

डुग्गु कहां रहते हो, कस्बा स्याना, जिला बुलंदशहर(वीडियो देखें)

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बोलने लगा, मगर खड़ा नहीं हो पाया कभी
आकाश बताते हैं कि डुग्गु के जन्म के समय उसे सांस लेने में तकलीफ थी, और दो घंटे तक ऑक्सीजन पर रखने के बाद ही उसमें जान आई। डेढ़ साल की उम्र तक डुग्गु बोलने लगा, लेकिन वह आज भी बैठने या खड़े होने में असमर्थ है। डुग्गु के माता-पिता अशिक्षित हैं और उन्हें इस बीमारी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन कुछ लोगों ने बताया कि डुग्गु का इलाज संभव है, मगर इसके लिए करोड़ों रुपये की जरूरत है। एक कमरे के प्रधानमंत्री आवास में रहने वाला यह परिवार भारी कर्ज में डूब चुका है, लेकिन डुग्गु की हिम्मत और उसकी मासूम मुस्कान उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है।

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